हर वर्ष की तरह मेरे स्कूल और कॉलेज की कई मित्र आई। मम्मी और मुझसे जुड़े कई लोग आए। कम्युनिस्ट पार्टी के लोग आए। मेरे कुछ रिश्तेदार आए। मम्मी को यादकर हम सभी हँसे, रोए, बातें किए।
मम्मी का घर आज भी वैसे ही है जैसे मम्मी के रहने पर था। फूल अब कम कर दिया गया है और सब्जियाँ उपजाई जा रही हैं ताकि वर्ष में एक बार जब में आऊँ तो मम्मी के मेहनत के घर की ज़मीन में उपजाई हुई सब्ज़ी खा सकूँ।
आत्मा-परमात्मा के रहस्य को सुलझाना तो मेरे लिए मुमकिन नहीं हुआ; परन्तु आत्मा-परमात्मा की दुनिया को काल्पनिक ही सही मानने पर मेरे मन को एक झूठी तसल्ली मिलती है। मैं कल्पना में सोचती हूँ कि अगर आत्मा की दुनिया अगर हो, तो शायद मम्मी की आत्मा अपने घर में मेरे और मेरे दोनों बच्चे तथा भैया और उसके दोनों बच्चे के आने की प्रतीक्षा में हो। मम्मी जीवित रहते में हमेशा चाहती थी कि हम सभी वैसे ही एकत्रित हों जैसे वर्ष 2016 में मम्मी ने अपने पैसे से बनवाए घर में गृह प्रवेश किया था तो हम सभी एकत्रित हुए थे। लेकिन कभी भी नहीं हो सका।

यों मम्मी को लोग भूलना चाहें भी तो मैं भूलने नहीं देती हूँ। कुछ लोग जो मम्मी से संबद्ध थे, फेसबुक पर मम्मी के अपडेट पर प्रतिक्रिया देते हैं। मैंने फेसबुक पर मम्मी के प्रोफाइल को जीवित रखा है और प्रतिदिन की मेमोरी को पोस्ट करती हूँ। अपने प्रोफाइल से जाकर जिनकी भी प्रतिक्रिया मिली, उन्हें यथायोग्य धन्यवाद, प्रणाम और स्नेह देती हूँ।

समय और उम्र बढ़ने के साथ मम्मी की पुण्यतिथि पर कब तक भागलपुर जा सकूँगी, मालूम नहीं। इस बार मेरा एक पैर फ्रैक्चर हो गया है। पाँव में प्लास्टर लगा है। हालाँकि पाँच सप्ताह हो चुके हैं; लेकिन डॉक्टर ने कहा है कि छह सप्ताह से पहले प्लास्टर नहीं खोला जा सकता है। ऐसा दुर्भाग्य रहा कि पैर फ्रैक्चर होने के दस दिन बाद यानी पहली जनवरी को स्नानघर में फिसलकर गिर गई। मुझे तो लग रहा था कि इस वर्ष नहीं आ सकूँगी; लेकिन विमान के व्हीलचेयर के सहारे मैं आ सकी।
जीवन-मृत्यु शाश्वत सत्य है, परन्तु इस सत्य को स्वीकार करना हमेशा से दुःखद रहा है। पापा, दादी, मम्मी और बहुत सारे रिश्तेदार इस संसार से चले गए। जब-जब वे सभी याद आते हैं, तो बहुत दुखः होता है। यही जीवन है, यूँ ही हम सभी का अंत होना है। मम्मी की यादें और जीवन मेरे लिए सदैव प्रेरक रहा है और जीवन को ज़िन्दादिली से जीने की प्रेरणा मिलती है।
मम्मी को सादर प्रणाम!

-जेन्नी शबनम (30.1.2026)
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