साझा संसार
अंतस की रिसती भावनाएँ जिन्हें शब्दों द्वारा अभिव्यक्त कर संसार से साझा करती हूँ...
Monday, January 30, 2023
101. वे जो मेरी मम्मी थीं
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मम्मी को गुज़रे हुए आज 2 वर्ष हो गए। मम्मी अब यादें बन गईं, पर अब भी लगता है जैसे कहीं गई हैं और लौटकर आ जाएँगी। जानती हूँ वे अब कभी नहीं आएँ...
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Wednesday, November 16, 2022
100. भागलपुर की जेन्नी (पार्ट- 2)
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पहला भाग- https://saajha-sansaar. blogspot.com/2015/11/54.html सुनसान राहों पर चलते हुए कोई चीख कानों में पड़े, तो जैसे आशंका से मन डर जात...
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Wednesday, September 14, 2022
99. राजभाषा नहीं राष्ट्रभाषा हिन्दी
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महात्मा बुद्ध के समय पाली लोकभाषा थी और इसकी लिपि ब्राह्मी थी। माना जाता है कि पाली भाषा परिवर्तित होकर प्राकृत भाषा बनी और आगे चलकर प्राकृत...
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Monday, August 15, 2022
98. युवा भारत का अमृत महोत्सव
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भारत की स्वतंत्रता का 75वाँ साल इस वर्ष पूरा हुआ है। यूँ कहें कि साल 2022 देश की आज़ादी के नाम है। आज़ादी के इस अमृत महोत्सव की तैयारी हर तरफ़ ...
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Tuesday, July 19, 2022
97. मरजीना का लोकार्पण
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जुलाई 18, 2022 को संध्या 6 बजे 'पृथ्वी ललित कला एवं सांस्कृतिक केंद्र', सफ़दरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली में 'मरजीना' (क्षणिका-सं...
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Sunday, July 3, 2022
96. लम्हा-लम्हा एहसास - अनुपमा त्रिपाठी 'सुकृति'
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अनुपमा त्रिपाठी और मैं जेन्नी शबनम की पुस्तक 'लम्हों का सफ़र' पढ़ रही हूँ। लम्हों के सफ़र में लम्हा-लम्हा एहसास पिरोये हैं। अपनी ही द...
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Wednesday, April 27, 2022
95. भावनाओं को आलोड़ित करता : लम्हों का सफ़र - डॉ. शिवजी श्रीवास्तव
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आदरणीय शिवजी श्रीवास्तव द्वारा मेरी पुस्तक 'लम्हों का सफ़र' की समीक्षा: शिवजी श्रीवास्तव भावनाओं को आलोड़ित करता - लम्हों का सफ़र - ...
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