साझा संसार
अंतस की रिसती भावनाएँ जिन्हें शब्दों द्वारा अभिव्यक्त कर संसार से साझा करती हूँ...
Sunday, January 30, 2022
92. मम्मी को याद करते हुए
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वक्ता के रूप में मम्मी ने एक दिन मुझसे कहा- "मेरे जीवन को तुमसे ज़्यादा कोई नहीं जानता-समझता है, मेरे जीवन के बारे में भी कुछ लिखो।...
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Thursday, September 2, 2021
91. माँ का दुलारा, बन गया आसमाँ का तारा : सिद्धार्थ शुक्ला
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सिद्धार्थ शुक्ला (12.12.1980 - 2.9.2021) मृत्यु का जन्म से बस एक नाता है- जन्म लेते ही मृत्यु अवश्यम्भावी है । उम्र के साल की गिनती, धन, स...
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Tuesday, August 3, 2021
90. हाइकु के लश्कर इतिहास रचने निकले - रमेश कुमार सोनी
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रमेश कुमार सोनी जी द्वारा मेरी पुस्तक 'प्रवासी मन' की समीक्षा: हाइकु के लश्कर इतिहास रचने निकले ...
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