साझा संसार

अंतस की रिसती भावनाएँ जिन्हें शब्दों द्वारा अभिव्यक्त कर संसार से साझा करती हूँ...

Sunday, June 14, 2020

77. सुशांत अब सदा के लिए शांत हो गया है

›
जीवन के यथार्थ से जुड़ा एक भावपूर्ण गाना है- ''आईने के सौ टुकड़े करके हमने देखे हैं, एक में भी तन्हा थे सौ में भी अकेले हैं । ...
33 comments:
Friday, June 5, 2020

76. बेज़ुबानों की हत्या

›
महात्मा गांधी ने कहा था कि व्यक्ति अगर हिंसक है, तो वह पशु के समान है। यों लगता है जैसे मानव पशु बन चुका है और पशु मानव से अधिक सभ्य है। यदि...
32 comments:
Friday, May 1, 2020

75. हम मेहनतकश इस दुनिया से जब अपना हिस्सा माँगेंगे

›
आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक/मज़दूर दिवस है ।  हर साल यह दिन आता है और ऐसे चला जाता है, जैसे रोज़ सुबह का उगता सूरज अपने नियत समय पर शाम को ढल ...
29 comments:
Thursday, April 30, 2020

74. ऋषि नॉट आउट

›
ऋषि कपूर का जाना मन को बेचैन कर गया । कल से इरफ़ान खान की मृत्यु के शोक में हम सभी हैं, ऐसे में आज ऋषि कपूर का चला जाना स्तब्ध कर गया। ...
14 comments:
Wednesday, April 29, 2020

73. अलविदा मक़बूल

›
सिनेमा हॉल का दरवाज़ा बंद था। खुलने के निर्धारित समय से ज़्यादा वक़्त हो चला था। तभी एक गेटकीपर बाहर आया, उससे मैंने पूछा कि बहुत ज़्यादा देर...
45 comments:
Monday, April 6, 2020

72. क़ातिल कोरोना का क़हर

›
भारत तथा विश्व की वर्तमान परिस्थिति पर ध्यान दें, तो ऐसा लग रहा है मानो प्रकृति हमें चेतावनी दे रही है कि बहुत हुआ, अब तो चेत जाओ, वापस लौट...
26 comments:
Sunday, March 8, 2020

71. एक बार फिर बीत गया महिलाओं का एक दिन

›
महिला दिवस के उपलक्ष्य में रंगारंग कार्यक्रम अपने चरम पर था ।  तय समय से ज़्यादा वक़्त हो गया, पर कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका । शाम के सात ...
11 comments:
Friday, February 21, 2020

70. फाँसी की फाँस

›
वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह का बयान कि जैसे सोनिया गांधी ने राजीव गांधी के हत्यारे को माफ़ किया है, वैसे ही निर्भया की माँ निर्भया के बलात...
28 comments:
‹
›
Home
View web version

About

  • डॉ. जेन्नी शबनम
  • डॉ. जेन्नी शबनम
Powered by Blogger.