साझा संसार

अंतस की रिसती भावनाएँ जिन्हें शब्दों द्वारा अभिव्यक्त कर संसार से साझा करती हूँ...

Saturday, September 8, 2018

61. पहचान (लघुकथा)

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मेरा लेख एक बड़ी पत्रिका में ससम्मान प्रकाशित हुआ। मैंने मुग्ध भाव से पत्रिका के उस लेख के पन्ने पर हाथ फेरा, जैसे कोई माँ अपने नन्हे शिशु क...
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Wednesday, July 18, 2018

60. आज भी तुमसे शिकायत है पापा

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पापा  पापा, तुमसे ढेरों शिकायत है ।  मैं बहुत ग़ुस्सा हूँ । तुमसे बहुत-बहुत ग़ुस्सा हूँ । मैं रूस (रूठना) गई  हूँ तुमसे ।  अगर तुम मिल...
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Thursday, March 8, 2018

59. स्त्री की आज़ादी का मतलब

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''हमें चाहिए आज़ादी!'', ''हम लेकर रहेंगे आज़ादी!'' किसे नहीं चाहिए आज़ादी । हम सभी को चाहिए आज़ादी ।  सोच...
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Thursday, September 14, 2017

58. हिन्दी बिटिया को अँगरेज़ी की ग़ुलामी से बचाओ

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सुबह का व्यस्ततम समय, एक अनजाने नम्बर से मोबाइल पर फ़ोन ''मे आई टॉक टू ...।'' मैंने कहा ''हाँ, बोलिए'...
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Friday, July 21, 2017

57. ट्यूबलाइट फ्लॉप पर सलमान सुपरहिट

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''मैं अपने यक़ीन से अपने भाई को भी वापस ले आऊँगा ।''  वास्तविक जीवन में हमेशा जीतने वाला,  कई विवादों में उलझा हुआ, बार...
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Saturday, July 1, 2017

56. बंदूक़-बंदूक़ का खेल

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नक्सलवाद और मज़हबी आतंकवाद में बुनियादी फ़र्क उनकी मंशा और कार्यकलाप में है । हर आतंकवादी संगठन हिंसा के द्वारा आतंक फैलाकर सभी देशों की स...
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  • डॉ. जेन्नी शबनम
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